मुद्रा लोन कैसे लें 2026: ₹50,000 से ₹10 लाख तक बिना गारंटी
मुद्रा लोन तीन step में मिलता है. अपनी ज़रूरत के हिसाब से Shishu (₹50,000 तक), Kishore (₹50,001 से ₹5 लाख), या Tarun (₹5 से ₹10 लाख) में से एक चुनें. नज़दीकी SBI, PNB, Bank of Baroda या Canara Bank की MSME branch में Udyam certificate, Aadhaar, PAN और 6 महीने की bank statement के साथ form भरें. PSU बैंक में 7 से 14 दिन में disburse होता है, NBFC में 2 से 5 दिन. कोई गारंटी या property गिरवी नहीं रखनी पड़ती.
सबसे पहले, मुद्रा का सही tier चुनें
मुद्रा लोन तीन हिस्सों में बँटा है. Shishu ₹50,000 तक देती है, Kishore ₹50,001 से ₹5 लाख तक, और Tarun ₹5 लाख से ₹10 लाख तक. 2024 के बाद से एक चौथी category Tarun Plus भी जुड़ी है जो ₹20 लाख तक जाती है, लेकिन यह सिर्फ़ उन borrowers को मिलती है जिन्होंने पहले एक Tarun loan समय पर चुकाया हो.
ग़लत tier चुनना सबसे common reject reason है. अगर आपका business नया है और पहली बार लोन ले रहे हैं, तो Tarun माँगने पर बैंक file को underdone मानकर वापस कर देता है. नए borrowers के लिए सही रास्ता Kishore ₹2 से ₹4 लाख का है, साथ में यह declare करना कि अगले साल Tarun upgrade करेंगे.
कौन apply कर सकता है
कोई भी व्यक्ति, partnership, या private limited company जो income-generating business करती है मुद्रा loan ले सकती है. किराना दुकान, चाय की टपरी, सलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, चायपत्ती ट्रेडिंग, इलेक्ट्रिशियन की दुकान, मोबाइल रिपेयर, photo studio, ट्रांसपोर्ट, छोटी workshop, सब cover हैं. खेती और farming income directly include नहीं है लेकिन dairy, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन जैसी allied activities आती हैं.
उम्र 18 साल से 65 साल के बीच होनी चाहिए. पहले से किसी बैंक में wilful defaulter status नहीं होना चाहिए. CIBIL score की formal cutoff नहीं है पर ज़्यादातर PSU branches Kishore के लिए 685 और Tarun के लिए 700 पर अंदरूनी रूप से रोक देती हैं.
ज़रूरी documents की पूरी list
Aadhaar card और PAN card दोनों मालिक के नाम पर. Udyam Registration Number, अगर business registered है (बहुत recommend करते हैं, फ़ाइल को priority sector में डाल देता है). पिछले 6 महीने का bank statement, उसी current या savings account का जहाँ रोज़मर्रा का business पैसा आता है.
दुकान या workplace का proof: rent agreement, बिजली का बिल, या नगरपालिका का certificate. दो passport size photo. business के nature का छोटा description एक page में, जिसे simple business plan कहते हैं. Tarun के लिए छोटा DPR (Detailed Project Report) जिसमें monthly revenue, खर्च और profit का अंदाज़ा हो.
GST registration अगर आपका turnover ₹40 लाख से ऊपर है (विशेष category states में ₹20 लाख). छोटे dukandar को GST की ज़रूरत नहीं है, बस Udyam काफ़ी है.
सही बैंक का चुनाव
PSU बैंक सबसे सस्ती interest rate देते हैं. SBI, PNB, Bank of Baroda, Canara Bank, Union Bank, Bank of India, Indian Bank, Central Bank - इन सब के पास dedicated MSME desk है. Interest 8.5 से 12 प्रतिशत के बीच आता है. Disbursal 7 से 14 working days में.
Regional Rural Bank (RRB) और Cooperative बैंक छोटे शहरों और गाँवों में बेहतर option हैं क्योंकि उनकी quota अक्सर खाली रहती है. SBI Mukti Gramin बैंक, Aryavart Bank, Andhra Pragathi जैसे RRB Shishu लोन same day या अगले दिन देते हैं.
NBFC और MFI सबसे जल्दी देते हैं (2 से 5 दिन में) पर interest rate ज़्यादा होती है, 14 से 22 प्रतिशत. अगर आपको कल पैसा चाहिए और 1 साल में चुकाना है तो NBFC ठीक है. लंबे loan के लिए PSU बैंक बेहतर है.
Branch में जाने से पहले की तैयारी
किसी भी सरकारी बैंक में जाने से पहले एक बात याद रखें. सीधे retail counter पर मत जाइए. बैंक की MSME या Priority Sector desk पूछिए. वहाँ बैठा officer मुद्रा फ़ाइल रोज़ देखता है और 30 मिनट में आपको बता सकता है कि आपकी file approve हो सकती है या नहीं.
दूसरी बात, अपने सारे documents एक folder में organised रखें. Self-attested copies (हर page पर हस्ताक्षर और तारीख़). Original भी साथ रखें कि match करवा सकें.
तीसरी बात, अपनी ज़रूरत का सही amount बताइए. ₹2 लाख की asli ज़रूरत पर ₹5 लाख माँगने से file की credibility गिरती है. Bank officer आपके expense और revenue देखकर ख़ुद judge करता है कि आप कितना repay कर सकते हैं.
बिना collateral के मुद्रा कैसे काम करता है
मुद्रा loan पर बैंक property गिरवी नहीं रखता. यह सरकार की guarantee वाले Credit Guarantee Fund for Micro Units (CGFMU) के अंदर आता है. बैंक को default होने पर 75 प्रतिशत तक का cover मिलता है, इसलिए वह बिना property के भी हाँ करता है.
बैंक आपसे personal guarantee ज़रूर लेता है. यानी मालिक का व्यक्तिगत हस्ताक्षर कि अगर business fail हुआ तो वह ख़ुद ज़िम्मेदार है. यह property नहीं है, यह सिर्फ़ कानूनी वादा है. अगर बैंक आपसे घर या ज़मीन गिरवी रखने को कहे, तो वह CGFMU rules का उल्लंघन है. आप मना कर सकते हैं और RBI Banking Ombudsman में complaint कर सकते हैं.
मुद्रा loan reject होने के असली कारण
सबसे common reason CIBIL का ख़राब होना है. ख़ासकर अगर पहले किसी और loan में 90 दिन से ज़्यादा का default है. CIBIL को free पर www.cibil.com से check कर सकते हैं. ख़राब score का इलाज है छोटे पुराने loan को बंद करना और 45 दिन रुकना.
दूसरी वजह bank statement का पतला होना. अगर महीने में सिर्फ़ 3 या 4 entries हैं, या account balance बार-बार 0 हो जाता है, बैंक मानता है कि cash flow अनिश्चित है. इसका इलाज है अगले 6 महीने ज़्यादा transactions account से करना और cash में लेन-देन कम करना.
तीसरी वजह branch की Quota पूरी हो जाना. हर PSU branch का annual MUDRA target होता है. फरवरी-मार्च तक जो branch अपना target पूरा कर लेती है वह नई file को बिना कारण roak देती है. ऐसे में दूसरे branch या दूसरे बैंक में जाइए, बात बन जाती है.
Loan मिलने के बाद की समझदारी
Mudra Card मिलता है, जो ATM card जैसा होता है. इसे swipe करके आप approved limit में से किसी भी merchant payment, supplier payment, या नक़दी निकाल सकते हैं. यह बैंक को आपकी spending pattern दिखाता है, जो अगले साल बड़ा loan लेने में मदद करता है.
EMI समय पर भरें. हर बार late होने से CIBIL गिरती है और अगली बार ज़्यादा loan मुश्किल हो जाता है. UPI Autopay या standing instruction लगा देना सबसे आसान तरीक़ा है.
सरकारी subsidy या interest subvention अगर आपके scheme में है, तो वह automatically loan account में credit होती है. आपको अलग से claim नहीं करनी पड़ती. अपने bank statement में हर तिमाही subsidy entry देखते रहिए.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुद्रा लोन के लिए CIBIL score ज़रूरी है?
PMMY की कोई official CIBIL cutoff नहीं है, लेकिन ज़्यादातर PSU बैंक अंदरूनी रूप से Kishore पर 685 और Tarun पर 700 का floor रखते हैं. NBFC 650 पर भी हाँ कह देते हैं पर interest rate ज़्यादा होती है. CIBIL ख़राब होने पर 45 दिन रुक कर पुराने छोटे loan बंद करें, score 30 से 50 point उठ जाता है.
बिना GST के मुद्रा loan मिल सकता है?
हाँ, अगर आपका turnover ₹40 लाख से कम है (special category states में ₹20 लाख) तो GST registration की क़ानूनी ज़रूरत नहीं है. Udyam registration सबसे important है, GST नहीं. छोटे दुकानदार और service provider बिना GST के Shishu और Kishore आराम से ले सकते हैं.
मुद्रा loan कितनी जल्दी मिलता है?
PSU बैंक 7 से 14 working days में disburse करते हैं अगर सारे documents पहले से तैयार हैं. RRB और cooperative बैंक कभी-कभी 4 से 7 दिन में निपटा देते हैं. NBFC और MFI सबसे जल्दी, 2 से 5 दिन. अगर 21 दिन से ज़्यादा हो रहा है तो branch manager के पास written escalation दीजिए, file आगे बढ़ जाती है.
क्या मुद्रा loan पर subsidy मिलती है?
मुद्रा पर direct subsidy नहीं है. लेकिन इसके ऊपर Interest Subvention Scheme लगती है जिसमें Shishu loan पर 2 प्रतिशत interest sarkar pay करती है (कुछ category के लिए). दूसरी layer SVANidhi वाले street vendors को 7 प्रतिशत interest subsidy मिलती है. अपने branch से पूछिए कि आपकी file किस layer में eligible है.
पहली बार reject होने पर दोबारा कब apply करें?
कम से कम 30 दिन रुकें, बेहतर 45 दिन. इसी 45 दिन में reject कारण को सुलझाइए: CIBIL fix, Udyam का NIC code update, या bank statement strengthen. फिर किसी दूसरे branch या बैंक में नई application डालिए. एक ही branch में 30 दिन के अंदर वापस जाना counter-productive है, वहाँ file देखे बिना reject हो जाती है.
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इस लेख का सन्दर्भ कैसे दें
Yojana Mitra (2026). मुद्रा लोन कैसे लें 2026. https://yojanamitra.co/blog/hi/mudra-loan-kaise-le